दूसरे चरण में मतदाता सत्यापन: 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया जारी

भारत के निर्वाचन आयोग (ECI) ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के द्वितीय चरण की शुरुआत की, जिसमें लगभग 51 करोड़ मतदाता शामिल हैं।

  • इन क्षेत्रों में आज से मतदाता सूची “फ्रीज़” की जाएगी; अंतिम सूची का प्रकाशन 7 फरवरी 2026 को होगा।
  • बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) द्वारा घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन 4 नवम्बर से 4 दिसम्बर 2025 तक किया जाएगा; इसके बाद प्रारूप सूची, दावे/आपत्तियाँ और सुनवाई की प्रक्रिया चलेगी।
  • आधार कार्ड केवल पहचान प्रमाण के रूप में स्वीकार्य होगा — नागरिकता, जन्मतिथि या निवास प्रमाण के रूप में नहीं।
  • असम को इस चरण से बाहर रखा गया है क्योंकि वहाँ नागरिकता/NRC से संबंधित अलग प्रक्रिया चल रही है।

SIR क्या है और अभी क्यों किया जा रहा है?
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित एक व्यापक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूचियों को साफ, सत्यापित और अद्यतन करना है। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि:

  • कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए, और
  • कोई भी अयोग्य / दोहरा / मृत मतदाता सूची में न रहे।

SIR का पहला चरण बिहार में आयोजित किया गया था, जो आयोग के अनुसार “शून्य अपीलों” के साथ समाप्त हुआ। चूंकि कई राज्यों (जैसे तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी) में 2026 में चुनाव होने हैं, इसलिए दूसरा चरण समयानुकूल माना जा रहा है ताकि अद्यतन मतदाता सूची समय पर उपलब्ध हो सके।

द्वितीय चरण का दायरा और कवरेज

शामिल राज्य और केंद्र शासित प्रदेश:

  • अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह
  • छत्तीसगढ़
  • गोवा
  • गुजरात
  • केरल
  • लक्षद्वीप
  • मध्य प्रदेश
  • पुडुचेरी
  • राजस्थान
  • तमिलनाडु
  • उत्तर प्रदेश
  • पश्चिम बंगाल

मतदाता संख्या / पैमाना:

  • इस चरण में लगभग 51 करोड़ मतदाता शामिल होंगे।
  • लगभग 5.33 लाख मतदान केंद्र / BLOs इस प्रक्रिया में जुटेंगे।

असम को क्यों बाहर रखा गया:
असम को अलग NRC और नागरिकता प्रक्रिया के कारण इस चरण से बाहर रखा गया है। वहाँ के लिए अलग अधिसूचना जारी की जाएगी।

मुख्य समय-सीमाएँ (Timeline)

  • मुद्रण व प्रशिक्षण अवधि: 28 अक्तूबर – 3 नवम्बर 2025
  • घर-घर सत्यापन (BLO द्वारा): 4 नवम्बर – 4 दिसम्बर 2025
  • प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशन: 9 दिसम्बर 2025
  • दावे व आपत्तियाँ स्वीकार करने की अवधि: 9 दिसम्बर 2025 – 8 जनवरी 2026
  • सुनवाई / सत्यापन: 31 जनवरी 2026 तक
  • अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन: 7 फरवरी 2026

जमीनी प्रक्रिया (On-ground Process)

  • BLO घर-घर जाकर सत्यापन व अद्यतन फॉर्म वितरित और एकत्र करेंगे। हर घर में तीन बार तक विज़िट की जा सकती है।
  • प्रत्येक पात्र मतदाता के अद्यतन विवरण, नई प्रविष्टियाँ, विलोपन, पते में बदलाव आदि की जानकारी ली जाएगी।
  • मान्य दस्तावेज़ मांगे जाएंगे, जैसे:

आधार कार्ड केवल पहचान प्रमाण के रूप में स्वीकार्य होगा।

अन्य दस्तावेज़ (जैसे आयु, पता और नागरिकता के प्रमाण) ECI दिशानिर्देशों के अनुसार मान्य होंगे।

  • निर्धारित तिथि की मध्यरात्रि तक मतदाता सूची “फ्रीज़” कर दी जाएगी।
  • सत्यापन के बाद प्रारूप सूची प्रकाशित होगी; मतदाता या दल आपत्तियाँ दर्ज कर सकेंगे; सुनवाई के बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी।

अतिरिक्त बिंदु व स्पष्टीकरण

  • यह प्रक्रिया नागरिकता जाँच नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए है कि केवल पात्र भारतीय नागरिक (18 वर्ष या अधिक) मतदाता सूची में हों।
  • चुनाव वाले राज्यों (जैसे तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी) को इस चरण में शामिल किया गया है ताकि चुनाव से पहले अद्यतन सूचियाँ तैयार हों।
  • 2002–2004 के बाद पहली बार इतने बड़े स्तर पर यह विशेष पुनरीक्षण हो रहा है — यह स्वतंत्रता के बाद नौवाँ SIR है।
  • बिहार चरण में किसी भी राजनीतिक दल ने अपील नहीं की, जिसे ECI ने पारदर्शिता का प्रमाण बताया।
  • फिर भी, कुछ राजनीतिक दलों ने SIR के समय, राज्यों के चयन, और मतदाता बहिष्करण की आशंका पर चिंता व्यक्त की है।

मतदाताओं और नागरिकों को क्या करना चाहिए

  • अपनी मतदाता सूची में नाम और विवरण की पुष्टि करें।
  • BLO के घर आने पर या स्थानीय चुनाव कार्यालय जाकर वैध पहचान दस्तावेज़ प्रस्तुत करें।
  • यह समझें कि केवल आधार होना ही पर्याप्त नहीं, पात्रता (आयु, नागरिकता आदि) भी आवश्यक है।
  • अगर नाम सूची में नहीं है या विवरण गलत है, तो दावे/आपत्तियों की अवधि में आवेदन करें।
  • राजनीतिक दल और नागरिक संगठन प्रक्रिया की निगरानी कर सकते हैं व गलत विलोपन पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
  • मुख्य तिथियाँ ध्यान रखें:

घर-घर सत्यापन: 4 दिसम्बर तक

प्रारूप सूची: 9 दिसम्बर

आपत्तियाँ: 8 जनवरी 2026 तक

अंतिम सूची: 7 फरवरी 2026

  • अपने मतदान केंद्र की जानकारी अवश्य रखें — इस SIR में मतदान केंद्रों का पुनर्गठन (rationalization) भी किया जा सकता है।

चुनौतियाँ, जोखिम और प्रमुख मुद्दे

  • फिर भी चिंता बनी हुई है कि कहीं पात्र मतदाता, खासकर हाशिए पर रहने वाले समुदाय और प्रवासी नागरिक, सूची से बाहर न रह जाएँ।
  • राजनीतिक रूप से संवेदनशील राज्यों में यह प्रक्रिया चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के आरोपों के घेरे में आ सकती है।
  • असम जैसे राज्यों में विशेष नागरिकता कानून और NRC की जटिलताओं के कारण अलग प्रक्रिया आवश्यक होगी।

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