यूजीसी फर्जी विश्वविद्यालय सूची 2025: 22 फर्जी विश्वविद्यालय, जिनमें 2 पश्चिम बंगाल से शामिल हैं

यूजीसी फर्जी विश्वविद्यालय सूची 2025:

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने देशभर के 22 संस्थानों को यूजीसी फर्जी विश्वविद्यालय घोषित किया है, जो बिना किसी वैध मान्यता के डिग्रियां बांट रहे थे। राज्यवार सूची में दिल्ली शीर्ष पर है जहां 10 फर्जी संस्थान पाए गए, जबकि उत्तर प्रदेश में 4 ऐसे संस्थान हैं। यूजीसी ने स्पष्ट किया है कि ये संस्थान यूजीसी अधिनियम 1956 की धारा 2(f) और 3 के तहत मान्यता प्राप्त नहीं हैं, और इनसे प्राप्त डिग्रियां नौकरी या उच्च शिक्षा के लिए मान्य नहीं होंगी। आयोग ने छात्रों से अपील की है कि किसी भी संस्थान में प्रवेश लेने से पहले यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उसकी मान्यता अवश्य जांच लें।

नई दिल्ली: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने आधिकारिक रूप से भारत के 22 संस्थानों को फर्जी विश्वविद्यालय घोषित किया है, जो बिना किसी अधिकार के डिग्रियां प्रदान कर रहे थे। आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इन संस्थानों द्वारा जारी की गई डिग्रियां शैक्षणिक या व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए मान्य नहीं होंगी।

यूजीसी अधिनियम 1956 की धारा 2(f) और 3 के अनुसार, ये संस्थान न तो केंद्र सरकार और न ही राज्य सरकार द्वारा स्थापित या मान्यता प्राप्त हैं। हाल ही के मामले में, Institute of Management and Engineering, जो कोटला मुबारकपुर (दिल्ली) में स्थित है, उसे भी फर्जी घोषित किया गया है।

राज्यवार वितरण:

यूजीसी के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में सबसे अधिक 10 फर्जी संस्थान हैं, जबकि उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर है, जहां 4 संस्थान पाए गए हैं। आंध्र प्रदेश, केरल, जबकि महाराष्ट्र और पुडुचेरी में 1-1, और पश्चिम बंगाल में 2-2 फर्जी विश्वविद्यालय पाए गए हैं।

संपूर्ण राज्यवार सूची:

Andhra Pradesh (2 संस्थान):

  • Christ New Testament Deemed University, Guntur (दो पते)
  • Bible Open University of India, Visakhapatnam

Delhi (10 संस्थान):

  • All India Institute of Public & Physical Health Sciences, Alipur
  • Commercial University Limited, Daryaganj
  • United Nations University, Delhi
  • Vocational University, Delhi
  • ADR-Centric Juridical University, Rajendra Place
  • Indian Institute of Science and Engineering, New Delhi
  • Vishwakarma Open University for Self-Employment, Sanjay Enclave
  • Spiritual University, Rohini
  • World Peace of United Nations University (WPUNU), Pitampura
  • Institute of Management and Engineering, Kotla Mubarakpur

Kerala (2 संस्थान):

  • International Islamic University of Prophetic Medicine, Kozhikode
  • St John’s University, Kishanattam

Maharashtra (1 संस्थान):

  • Raja Arabic University, Nagpur

Puducherry (1 संस्थान):

  • Sree Bodhi Academy of Higher Education, Thilaspet

Uttar Pradesh (4 संस्थान):

  • Gandhi Hindi Vidyapith, Prayag, Allahabad
  • Netaji Subhash Chandra Bose University (Open University), Achaltal, Aligarh
  • Bhartiya Shiksha Parishad, Lucknow
  • Mahamaya Technical University, Noida

West Bengal (2 संस्थान):

  • Indian Institute of Alternative Medicine, Kolkata
  • Institute of Alternative Medicine & Research, Kolkata (Diamond Harbour Road)

यूजीसी की चेतावनी:

आयोग ने छात्रों और अभिभावकों को कड़ी चेतावनी दी है कि वे किसी भी संस्थान में प्रवेश लेने से पहले उसकी मान्यता की स्थिति यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर अवश्य जांच लें। यूजीसी ने कहा कि ये फर्जी संस्थान अक्सर अनजान छात्रों को निशाना बनाते हैं, जो विश्वविद्यालयों की वैधता की जांच नहीं करते।

डिग्रियों की वैधता:

यूजीसी ने स्पष्ट किया है कि इन 22 संस्थानों से जारी कोई भी डिग्री या प्रमाणपत्र शैक्षणिक रूप से अमान्य है और नौकरी या उच्च शिक्षा के लिए स्वीकार नहीं किया जाएगा। यूजीसी अधिनियम की धारा 22 का उल्लंघन करने वाले इन संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, क्योंकि यह धारा बिना अनुमति डिग्री प्रदान करने पर रोक लगाती है।

कैसे करें जांच:

छात्रों को सलाह दी गई है कि वे यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट (ugc.ac.in) पर जाकर मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों की सूची देखें। किसी भी संस्थान में प्रवेश से पहले यह सुनिश्चित करें कि वह राज्य या केंद्रीय अधिनियम के तहत स्थापित हो और यूजीसी से मान्यता प्राप्त हो

शैक्षणिक भविष्य की सुरक्षा:

यूजीसी ने उन छात्रों से अपील की है जो पहले से इन फर्जी विश्वविद्यालयों में नामांकित हैं कि वे तुरंत मान्यता प्राप्त संस्थानों में स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करें ताकि उनका शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रहे। आयोग ने चेतावनी दी है कि ऐसे फर्जी संस्थानों से डिग्री लेने वाले छात्रों का करियर गंभीर खतरे में पड़ सकता है।

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